7वें वेतन आयोग से परे न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोत्तरी की बाट जोह रहे देश के सवा करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी खुशखबरी मिलने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 50 लाख से अधिक केंद्रीय सरकारी कर्मचारी जल्द ही वेतन वृद्धि का तोहफा पाएंगे. मोदी सरकार 7 वीं वेतन आयोग की सिफारिशों से परे न्यूनतम वेतन और फिटनेस कारक में वृद्धि पर अंतिम काम कर चुकी है.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन और फिटनेस कारक में वृद्धि को अंतिम रूप दे दिया है, जोकि लंबे समय से 7 वें केंद्रीय वेतन आयोग या 7 वीं सीपीसी सिफारिशों से ज्यादा वेतन हाइक की मांग कर रहे थे. माना जा रहा है कि मोदी सरकार इसकी घोषणा पांच विधानसभा चुनावों के बाद और लोकसभा चुनाव 2019 से पहले कर सकते हैं. केंद्र सरकार सरकारी कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में 3,000 रुपये की वृद्धि की घोषणा करने की योजना बना रही है.
केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अभी 18,000 रुपये का न्यूनतम वेतन मिल रहा है. वो इसमें 8,000 रुपये की बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं. सरकार अगर इन मांगों को मान लेती है तो न्यूनतम वेतन 18000 से बढ़कर 26,000 रुपये हो जाएगा. इसके अलावा कर्मचारी फिटनेस कारक को 2.57 गुणा से 3.68 गुना बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.
वित्त मंत्रालय के उच्च सूत्रों के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 21000 रुपये सरकार ने तय कर लिया है. बस इसका ऐलान होना बाकी है. बता दें कि इससे पहले वित्त राज्य मंत्री पी राधाकृष्णन ने घोषणा की थी कि केंद्र सरकार 7 वें वेतन आयोग की सिफारिशों से परे 50 लाख केंद्र सरकार के न्यूनतम वेतन और फिटनेस कारक को बढ़ाने पर विचार नहीं कर रही है.
Source - In Khabar
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