देश के करीब सवा करोड़ केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी पिछले काफी समय से 7 वें वेतन आयोग की सिफारिशों से ज्यादा वेतनवृद्धि की मांग पूरी होने की बांट देख रहे हैं. लेकिन अभी उनकी मांगें पूरी होती नहीं दिख रही है. लेकिन अब वित्त मंत्रालय के उच्च स्तरीय सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि जल्द ही इन कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर में वृद्धि का तोहफा मिलने जा रहा है.
माना जा रहा है कि केंद्र सरकार अगले साल 2019 में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों को देखते हुए जल्द ही केंद्रीय कर्मचारियों की मांगों को मानने का ऐलान कर सकती है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि केंद्र सरकार 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद या 11 दिसबंर के बाद कभी भी न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने का ऐलान कर सकती है.
मोदी सरकार ने साल 2017 में 01 जनवरी 2016 से 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला किया था. जिसके अनुसार न्यूनतम फिटमेंट 2.57 और मैक्सिम फैक्टर 17 था. जिसके आधार पर न्यूनतन वेतन 18000 रुपए और अधिकारी वर्ग के लिए न्यूनतम वेतन 2,25,000 रुपये तय हुआ था. जिसके बाद से देश के 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारी अपने साथ भेदभाव की बात करते हुए फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन में बढ़ोत्तरी की मांग कर रहे हैं. अपनी मांगों को लेकर पिछले दिनों कई केंद्रीय कर्मचारी संगठनों के बैनर तले हजारों कर्मचारियों ने आंदोलन भी किया था.
बता दें कि ग्रुप सी और डी के लिए न्यूनतम वेतन 18000 रुपए तय है. जबकि इनकी फिटमेंट फैक्टर 2.57 हैं. कर्मचारी की मांग है कि फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.68 किया जाएं. जिसके बाद कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18000 रुपए से बढ़कर 26000 रुपए हो जाएगा.
वहीं सूत्रों के हवाले से खबरें हैं कि केंद्र सरकार कर्मचारियों की मांग और मौजूद फिटमेंट फैक्टर के बीच का रास्ता निकालने पर विचार कर चुकी है. माना जा रहा है कि केंद्र सरकार 11 दिसंबर या 26 जनवरी 2019 के बाद न्यूनतम वेतन 21000 रुपए करने का ऐलान कर सकती है. अगर ऐसा ऐलान होता है, जिसकी संभावना बहुत ज्यादा है तो 50 लाख से अधिक कर्मचारी इससे लाभांवित होंगे.
Source - Zee News USEFUL INFORMATION - www.informationcentre.co.in
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