रोडवेज आंदोलन को समर्थन में भूना में प्रदेश सरकार का विरोध करने जा रहे सैकड़ों कर्मचारियों व पुलिस के बीच बुधवार को तीखी भिड़ंत देखने को मिली। भूना बिजली घर में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को जैसे ही सीएम मनोहर लाल के भूना में आने की सूचना मिली, सभी कर्मचारी बिजली घर से बाहर निकलने लगे, लेकिन इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
पुलिस के बार-बार समझाने के बाद भी जब प्रदर्शनकारी कर्मचारी नहीं माने तो पुलिस ने पहले वाटर कैनन से पानी की तेज बौछारों से कर्मचारियों को रोकने का प्रयास किया। इससे भी बात नहीं बनी तो पुलिस को कर्मचारियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज में कई कर्मचारियों को चोटें आई हैं। लाठीचार्ज से गुस्साए कर्मचारियों ने भी पुलिस पर पथराव किया, हालांकि किसी पुलिस कर्मचारी को चोट का समाचार नहीं है।
पुलिस ने इस मामले में 14 कर्मचारी नेताओं को हिरासत में लिया है। पुलिस प्रशासन की ओर से डीएसपी जगदीश काजला व डीएसपी रविंद्र तोमर मौजूद रहे। उधर बुधवार शाम सीटू के जिला उपाध्यक्ष रमेश जांडली ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों को छोड़ा नहीं गया तो गुरुवार से ये आंदोलन प्रदेश भर में फैल जाएगा।
गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों में सुरेंद्र मलिक, सुखबीर प्रभात, जगतार सिंह, हरपाल हुड्डा, अनिल बिजली, राजपाल बिजली, ओमप्रकाश चौबारा, रामकुमार बहबलपुरिया, अंग्रेज सिंह, मुंशीराम, जगदीश रामसरा, विनोद कड़वासरा शामिल हैं।
USEFUL INFORMATION - www.informationcentre.co.inसीएम की रैली से ज्यादा कर्मचारियों के पास तैनात दिखा पुलिस बल बिजली घर के गेट के सामने सैकड़ों महिला व पुरुष कर्मचारी प्रात:काल से ही एकत्रित होना शुरू हो गए थे। तालमेल कमेटी के आह्वान पर गुप्तचर विभाग की टीम ने 8 सौ से अधिक कर्मचारियों के पहुंचने की विरोध प्रदर्शन में आशंका व्यक्त की थी। जिसको लेकर शहर में विरोध प्रदर्शन व काले झंडे मुख्यमंत्री को दिखाए जाने की भी गुप्त सूचनाएं थी।
जिसके कारण बस स्टैंड के पास फतेहाबाद रोड पर बेरीकेट लगाकर कर्मचारियों से निपटने के लिए तैयारी की गई। पुलिस ने फायर ब्रिगेड की गाड़ी व पुलिस कर्मियों को हेलमेट एवं डंडे तथा किट के साथ तैयार कर दिया था। कर्मचारियों का आरोप है कि मामूली सी हरकत होते ही पुलिस ने निहत्थे कर्मचारियों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी जिसमें कई महिला कर्मचारियों को भी चोटें आई हैं।
आरोप, महिलाओं को पुरुष पुलिस कर्मियों ने पीटा किसान सभा के जिला प्रधान रामस्वरूप ढाणी गोपाल व रमेश कुमार जांडली ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्वक ढंग से अपनी आवाज को बुलंद कर रहे निहत्थे कर्मचारियों पर लाठियां बरसाई गई। उन्होंने कहा कि शर्म की हद तो तब हो गई जब महिला को पुलिस पुरुष कर्मचारियों ने लाठियों से बेरहमी से दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। ये हुए घायल
पुलिस लाठी चार्ज में पूर्व कर्मचारी नेता एवं किसान सभा के राज्य सचिव फुल सिंह श्योकंद, चौबारा के उपतहसील सचिव अमी लाल, विष्णु दत भटठू कलां, सतपाल सिंह सीटू प्रधान रतिया, उर्मिला देवी लहरीयां, आशा रानी, संतोष, सुमन आदि को पुलिस लाठी चार्ज के दौरान चोटें आई हैं। इनमें अमी लाल व फुल सिंह श्योंकद को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भूना में भर्ती करवाया गया है।
विकलांग अधिकार मंच ने फूंका सरकार का पुतला
राज्य कमेटी के आह्वान पर शहीद भगत सिंह पार्क के अंदर दिव्यांग भारी मात्रा में इकट्ठे हुए और तालमेल कमेटी द्वारा आयोजित बिजली घर में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। मंच के सदस्यों ने बिजली घर के प्रांगण में पुलिस की मौजूदगी में प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। मंच के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र जाण्डली भूना अध्यक्ष उदयवीर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों पर लाठियां बरसवाकर घोर अन्याय किया है इसका जवाब समय आने पर दिया जाएगा।
Source - Amar Ujala
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