मुरार के रहने वाले एक व्यापारी से ठग ने बैंक कर्मचारी बनकर फोन पर एटीएम कार्ड का ओटीपी पूछा और इसके बाद 31 हजार रुपए की ऑनलाइन शॉपिंग कर ली। व्यापारी ने क्राइम ब्रांच में शिकायत की। क्राइम ब्रांच ने तत्काल ऑर्डर ब्लॉक करवाया और रकम फ्रीज करा दी। दो दिन बाद ही व्यापारी से ठगी गई रकम खाते में वापस आ गई। बुधवार को व्यापारी क्राइम ब्रांच की टीम को धन्यवाद देने पहुंचे।
मुरार के रहने वाले विवेक तिजोरिया के पास 11 नवंबर को एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और कहा कि उनका एटीएम कार्ड ब्लॉक होने वाला है। यही झांसा देकर उनसे कार्ड नंबर और ओटीपी पूछ लिया। कुछ देर बाद ही विवेक के मोबाइल पर 31 हजार रुपए निकलने का मैसेज आया। इसके बाद उन्होंने 12 नवंबर को क्राइम ब्रांच में शिकायत की। क्राइम ब्रांच के सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र शर्मा ने तुरंत फ्लिपकार्ट कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क कर ऑर्डर ब्लॉक करवाया। ऑर्डर ब्लॉक करवाने के बाद रकम फ्रीज करा दी। इसके चलते रुपए 13 नवंबर को उनके खाते में वापस आ गए। क्राइम ब्रांच ने पड़ताल की तो जिस नंबर से व्यापारी को कॉल आया था, वह नंबर हरियाणा का निकला है। नंबर पिछले तीन दिन से बंद है। उसकी लास्ट लोकेशन के आधार पर क्राइम ब्रांच पड़ताल कर रही है।
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