मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि दिल्ली सरकार पुरानी पेंशन को बहाल करेगी। वहीं, वे दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी इस बारे में पत्र लिखेंगे। सोमवार को रामलीला मैदान में अखिल शिक्षक, कर्मचारी कल्याण संघ (एटीईडब्ल्यूए) की ओर से आयोजित रैली में केजरीवाल ने यह घोषणा की।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली विधानसभा के मौजूदा विशेष सत्र में पुरानी पेंशन की बहाली के लिए सरकार प्रस्ताव पेश करेगी। इसे पास करा केंद्र सरकार के पास भेजा जायेगा। वे गैरभाजपा शासित राज्यों के अपने समकक्षों को भी इसे लागू करने के लिए पत्र लिखेंगे। पश्चिम बंगाल, केरल, आंध्र प्रदेश व कनार्टक के सीएम से निजी स्तर पर बात करेंगे।
केजरीवाल ने कहा कि तीन महीने के अंदर केंद्र ने पुरानी पेंशन लागू नहीं की तो वे इसके लिए मोर्चा खोलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को दुखी कर कोई सरकार खुश नहीं रह सकती। कर्मचारियों में देश की सरकार बदलने की ताकत है। केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि सीबीआई व आईबी वालों को बता दें कि पुरानी पेंशन लागू न होने पर 2019 में कयामत आने वाली है। यह रामलीला मैदान जिसको शाप देता है, वो खत्म हो जाता है। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से अपील की कि राष्ट्रनिर्माण करना चाहते हैं तो सरकारी कर्मचारियों को दुखी नहीं कर सकते।
रैली में आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि 40 दिन सांसद और विधायक रहे लोगों को तांउम्र पेंशन मिल सकती है तो 40 साल तक सरकारी कर्मचारी रहे लोगों को पेंशन क्यों नहीं मिल सकती। केंद्र सरकार को संजय सिंह ने चेतावनी दी कि रामलीला मैदान का शाप मत लेना। पेंशनवालों को जो हल्के में लेगा, उसे रामलीला मैदान में कही गई बातों का शाप लगेगा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी राष्ट्रीय पेंशन नीति का विरोध कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि नई नीति में कर्मचारियों के लिए कुछ भी नहीं है। इसे सिर्फ शेयर बाजार को फायदा देने के लिए बनाया गया है। कर्मचारियों की मांग है कि 2004 से पहले की पेंशन नीति लागू की जाए।
Source - Amar Ujala
No comments:
Post a Comment
Note: only a member of this blog may post a comment.