महाराष्ट्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को नये साल का उपहार देते हुए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन को बृहस्पतिवार को मंजूरी दी। इससे 20 लाख से अधिक वेतनभोगियों और पेंशनभोगियों को एक जनवरी से बढ़ी हुई राशि मिलेगी।राज्य मंत्रिमंडल ने इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी।
सरकार ने यह निर्णय आम चुनावों से पहले किया है जो अगले साल दूसरी तिमाही में होने वाले हैं। महाराष्ट्र में राज्य विधानसभा चुनाव भी अगले साल ही बाद में होंगे। महाराष्ट्र के वित्तमंत्री सुधीर मुंगतिवार ने कहा कि इस निर्णय से राज्य सरकार के 20,50,000 कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि वेतन आयोग के आधार पर कर्मचारियों को जनवरी 2016 के बाद से भुगतान किया जाएगा तथा महंगाई भत्ता का भुगतान पिछले 14 महीने से किया जाएगा। मुंगतिवार ने कहा कि इस निर्णय से राज्य के खजाने पर 38,645 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझा आएगा। उन्होंने कहा, 'एरियर का भुगतान पांच साल की अवधि में बराबर खेप में किया जाएगा। सरकार हर साल 7,631 करोड़ रुपये खर्च करेगी।'
इससे पहले अगस्त 2018 में मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता दो प्रतिशत बढ़ा दिया था। यह बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग में तय किए गए फार्मूले के तहत की गई थी, इस कदम से केंद्र सरकार के 1.1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिला।
सरकारी कोष पर इसका अतिरिक्त भार भी पड़ा। डीए और डीआर से 6,112.20 करोड़ सालाना और वित्त वर्ष 2018-19 (जुलाई 2018 से फरवरी 2019 यानी 8 महीने) में 4,074.80 का अतिरिक्त भार पड़ेगा। यह वृद्धि एक जुलाई, 2018 से लागू हुई थी।
Source - Times of India
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