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RAIL NEWS CENTER

09 January 2019

देश की सबसे बड़े कर्मचारी संगठन ने देश भर में किया प्रदर्शन, जानिए क्या हैं मांगे

देश के सबसे बड़े कर्मचारी संगठन ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन ने 08 व 09 जनवरी को देश भर में बुलाई हड़ताल का समर्थन करते हुए देश भर में भारत सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया. रेल कर्मचारियों की ओर से लम्बे समय से 7th Pay Commission के तहत भत्ते दिए जाने व पुरानी पेंशन योजना को लागू किए जाने की मांग की जा रही है.

संगठन की ओर से दिल्ली में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन सहित सभी कर्मचारियों ने अपने कार्यस्थल पर प्रदर्शन कर हड़ताल का समर्थन किया. रेल कर्मियों की ओर से अपनी मांग को ले कर वर्क टू रूल के तहत काम करने की घोषणा की थी लेकिन सरकार की ओर से कुछ समय मांगे जाने के बाद से रेल कर्मियों ने 15 जनवरी तक किसी तरह के आंदोलन को स्थगित कर दिया.

बिजली कर्मी भी हड़ताल पर

नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्पलॉईस एंड इन्जीनियर्स (एनसीसीओईईई) ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेण्डमेंट) बिल 2018 एवं केंद्र व राज्य स्तर पर चल रही निजीकरण की कार्यवाही के विरोध तथा पुरानी पेंशन की मांग को लेकर देश भर में हड़ताल करने का निर्णय लिया है. देश के लगभग 15 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर 8 और 9 जनवरी को दो दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हिस्सा ले रहे हैं. हड़ताल का निर्णय देश भर की सभी ट्रेड यूनियनों की संयुक्त बैठक में लिया गया था और इसकी नोटिस भी केंद्र सरकार व सभी राज्य सरकारों को भेज भेज दिया गया है. संघर्ष समिति ने यह भी एलान किया है कि यदि इलेक्ट्रिसिटी (अमेण्डमेंट) बिल 2018 को संसद के शीतकालीन सत्र में पारित कराने की कोशिश हुई तो बिना और कोई नोटिस दिए देश भर के बिजली कर्मचारी व् इंजीनियर उसी समय बिजली की सप्लाई बंद कर हड़ताल पर चले जाएंगे.

बैंक कर्मी भी हड़ताल पर

देश भर की ट्रेड यूनियनों की ओर से 08 व 09 को हड़ताल की घोषणा की गई है. देश के ज्यादातार सार्वजनिक बैंकों के कर्मियों ने इस हड़ताल में हिस्सा लेने की घोषणा की है. बैंक कर्मी बैकों में हो रहे निजीकरण, विलय और एनपीए की वसूली की मांग को ले कर प्रदर्शन करेंगे. ऑल इंडिया बैंक इम्पलाइज एसोसिएशन के महासचिव सीएचवैंकटचलम ने  इस मौके पर कहा कि सरकार की नीतियों के विरोध में बैंक कर्मी इस हड़ताल में हिस्सा लेंगे. उन्होंने हा कि बैंकों में मर्जर व निजीकरण का बड़े पैमाने पर विरोध किया जाएगा. साथ ही बड़े - बड़े उद्योगपतियों को दिए गए लोन जो कि अब एनपीए हो चुके हैं उसके किसी भी कीमत पर वसूली के लिए कानून लाने की मांग की जाएगी. सरकार एनपीए की वसूली के लिए उद्योगपतियों को छूट दे रही है जो की गलत है. वहीं बैंक कर्मियों की ओर से मांग की जा रही है कि देश भर में बैंकों में खाली पड़े लगभग 02 लाख पदों पर तत्काल भर्ती हो.

Source  - Zee News

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