सरकार के कोरे आश्वासन से तंग आ चुके पीएचई अस्थायी कर्मियों ने मंगलवार को चीफ इंजीनियर कार्यालय का घेराव किया। स्थायी नियुक्ति, 55 महीने का बकाया वेतन जारी करने, नियमित वेतन देने की नीति बनाने सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को जल्द हल करने की मांग कर रहे इन कर्मियों ने प्रबंधन को 22 जून तक का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस बीच भी उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे काम छोड़ हड़ताल पर जाने को मजबूर हो जाएंगे। सुबह 11 से दो बजे तक चले इस धरना-प्रदर्शन में कर्मियों ने पीएचई प्रबंधन व राज्य प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
Also Read - SURPRISING REASONS WHY SOME ARRANGED MARRIAGES DON’T WORK. 5 PEOPLE SHARE THEIR EXPERIENCEधरने में शामिल कर्मियों का कहना था कि सरकार को उनकी परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। स्थायी कर्मचारियों के मुकाबले काम कर रहे हम अस्थायी कर्मियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पिछले कई सालों से प्रबंधन झूठे आश्वासन देकर उन्हें बरगलाने का प्रयास कर रहा है। पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के नेता बख्शी सिंह ने कहा कि पंद्रह सालों से भी अधिक समय से विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे इन 29 हजार से अधिक कर्मियों को स्थायी करना तो दूर उन्हें नियमित वेतन देने की व्यवस्था कर पाने में भी प्रशासन विफल साबित हुआ है। एसआरओ-520 को लागू किए हुए भी दो साल होने को हैं परंतु अभी तक एक कर्मी भी स्थायी नहीं हुआ है।
उन्होंने मांग की कि इस प्रक्रिया के पूरा होने तक कर्मियों को पे-पैंड के मुताबिक हर माह वेतन देने की व्यवस्था की जाए ताकि वे अपने परिवार को चला सकें। यही नहीं उन्होंने स्थायी होने तक सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों को पांच लाख रूपये राहत राशि के तौर पर देने और मर चुके कर्मियों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का मुद्दा भी प्रशासन के समक्ष रखा। कर्मियों के समर्थन में इस धरने में स्थायी कर्मचारी यूनियन के नेता शिव कुमार शर्मा, सुभाष वर्मा, करतार चंद दुबे, कुलभूषण सिंह, भानू प्रताप सिंह सहित अन्य भी शामिल हुए। उन्होंने भी प्रबंधन को यह स्पष्ट किया कि यदि इन कर्मियों की समस्याओं को हल नहीं किया गया तो स्थायी कर्मचारी भी उनके साथ आंदोलन में शामिल हो जाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान देवेंद्र सिंह, बलभद्र चंद, सुरजीत सिंह, रवि कुमार, अजय शर्मा, होशियार सिंह, नवदीप सिंह, राकेश कुमार सहित अन्य कर्मियों ने भी सरकार की नीतियों को जमकर कोसा और अपना हक पाने के लिए कर्मियों से एकजुट रहने की अपील की।
Source - Jagran
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