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यह राज्य सरकार देगी केंद्र के बराबर सैलरी, पहली बार होगा ऐसा!

October 16, 2018, 6:42 AM
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त्रिपुरा में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. दिवाली से पहले राज्य सरकार ने कर्मचारियों के लिए 7वां वेतन आयोग लागू करने की सिफारिश की है. प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर होगी. ऐसा हुआ तो त्रिपुरा देश का पहला ऐसा राज्‍य होगा जहां राज्य कर्मचारी केंद्र में तैनात अपने समकक्ष कर्मियों के बराबर वेतन पाएंगे.

इसलिए आता है वेतन में फर्क
हमारी सहयोगी वेबसाइट www.zeebiz.com/hindi के अनुसार कर्मचारी नेताओं का कहना है कि राज्‍य और केंद्र में नियुक्‍त एक ही कैडर के कर्मचारी की सैलरी में 4 से 5 हजार रुपये का फर्क हो जाता है. यह अंतर इसलिए होता है क्‍योंकि केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाला एचआरए और ट्रैवेल अलाउंस राज्‍य से अलग होता है. हालांकि 7वें वेतन आयोग में दोनों स्‍तर के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी एक समान रखने का फैसला हुआ था. लेकिन भत्‍तों में फर्क के कारण वेतन में 5 हजार रुपये तक का अंतर हो जाता है.

टीए की जगह दूसरा भत्‍ता मिलता है
इलाहाबाद (यूपी) स्थित एजी ऑफिस ब्रदरहुड के पूर्व अध्यक्ष हरीशंकर तिवारी ने बताया कि राज्‍य सरकार में कर्मचारी को टीए की जगह दूसरा भत्‍ता मिलता है. उनका एचआरए भी केंद्र से कम होता है. इसलिए कैडर बढ़ने के साथ ही सैलरी का अंतर भी बढ़ता जाता है.

त्रिपुरा में अभी तक छठा वेतनमान भी लागू नहीं हुआ है. ऐसे में यदि 7वें वेतन आयोगकी सिफारिशें लागू होती हैं तो यह त्रिपुरा के कर्मचारियों के लिए दोहरी खुशी होगी. आपको बता दें राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने वादा किया था कि वह 7वां वेतन आयोग लागू करेगी. चुनाव बाद राज्‍य में बीजेपी सरकार बनने के बाद उसने कर्मचारियों को नई सौगात दी. हालांकि विपक्षी दल सीपीएम (CPM) का कहना है कि राज्‍य सरकार ने कर्मचारियों को यह कहकर छला है कि उन्‍हें केंद्र के बराबर वेतन मिलेगा. उनका वेतन केंद्र के बराबर नहीं हो सकता. सीपीएम नेता व पूर्व वित्‍त मंत्री भानुलाल साहा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को चीट कर रही है.

अधिकारी और कर्मचारियों की सैलरी में अंतर बढ़ा
राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद उत्‍तर प्रदेश के प्रांतीय संप्रेक्षक आरके वर्मा की माने तो 7वां वेतन आयोग जब से उत्‍तर प्रदेश (UP) में लागू हुआ है तब से निचले स्‍तर के कर्मचारियों के वेतन में 3 से 4 हजार रुपये की बढ़ोतरी हई है. वहीं मिडल स्‍तर के कर्मचारियों की 4 से 6 हजार रुपये तक सैलरी बढ़ी लेकिन सबसे ज्‍यादा फायदा लेवल 9 के ऊपर के अफसरों के वेतन में हुआ है. उन्‍हें 3 से 4 गुना तक बढ़ोतरी हुई है. यानि इससे निचले स्‍तर और उच्‍च स्‍तर के अधिकारियों की सैलरी में अंतर काफी बढ़ गया है.

     
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