महाराष्ट्र के गोंदिया मे एक महिला कर्मचारी ने नायब तहसीलदार की ही जूते से पिटाई कर दी है। इस घटना की चर्चा पूरे जिले में हो रही है। महात्मा गांधी योजना अनुदान के बिल का भुगतान दिवाली से पहले नहीं किया गया था। इसी बात पर महिला कर्मचारी और तहसीलदार में विवाद शुरू हुआ लेकिन यह बहस कुछ ज्यादा ही बढ़ गई, जिसके बाद महिला कर्मचारी अपना आपा खो बैठी और उसने अपने जूते से तहसीलदार की पिटाई की। गोंदिया जिले के सालेकसा तहसील कार्यालय में यह घटना घटी। यह पूरी घटना सीसीटीवी में भी कैद हुई है।
गोदिंया का सालेकसा तालुका यह बेहद नक्षलग्रस्त विभाग समझा जाता है। इसी तालुका के लोगो ने महात्मा गांधी रोजगार योजना के अंतर्गत बहुत सारा काम किया था लेकिन दिवाली से पहले इस काम का भुगतान इन लोगो को नहीं मिला। जिस वजह से महिला कर्मचारी वर्षा वाढई ने बिलों के बारे में नायब तहसीलदार आय आर पांडे इनके पास बिल पास करने की मांग की थी।
जैसे ही इस महिला कर्मचारी ने इस बिल के बारे में पूछा तो तहसीलदार ने उसकी मांग खारिज कर दी। साथ ही कथित तौर पर महिला कर्मचारी के साथ अच्छा बर्ताव भी नहीं किया। बाद में दोनों के बीच का झगड़ा और बढ़ गया। बाद में यह झगड़ा यहां तक बढ़ गया कि रोहिणी ने नायब तहसीलदार को सचमुच अपने जूते से मारा।
इस घटना के बाद तहसीलदार कार्यालय के कुछ कर्मचारियों ने उस महिला कर्मचारी की इस हरकत की निंदा भी की। इसके अलावा महिला कर्मचारी पर जल्द से जल्द कार्रवाई हो इसकी भी मांग की है। अपनी इस मांग के लिए सालेकसा तहसील कार्यालय के सामने आंदोलन भी किया गया।
इस तरह की घटना गोंदिया जिल्हा में होने के बाद अब कई सारे सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना की वजह से तहसीलदार ऑफिस का कामकाज भी लोगो के सामने आया है। जिससे स्थानीय लोग नाराज हैं। मामले में अब प्रशासन किस पर क्या कार्रवाई करेगा यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा।