राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) ने सोमवार को सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 'ट्रस्ट मॉडल' पर आधारित एक स्वास्थ्य बीमा योजना को मंजूरी दे दी है। इस मॉडल के तहत राज्य प्रशासन एक ट्रस्ट स्थापित करेगा, जो उचित बीमा उत्पाद को नामित लाभार्थियों (सरकारी कर्मचारियों व पेंशन भोगियों) को उपलब्ध कराएगा। योजना की रूपरेखा और चयन प्रक्रिया निर्धारित करने के आदेश दे दिए गए हैं।
योजना के अनुसार, प्रीमियर का संग्रह, बीमित व्यक्ति का नामांकन, दावों का निपटान, ट्रस्ट करेगा। पालिसी को रिन्यू करना, कर्मचारियों व पेंशन भोगियों को इससे संबंधित पेश आने वाली दिक्कतों को हल करना भी ट्रस्ट की जिम्मेदारी होगी।
पिछले साल 27 अक्टूबर को राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने खामिया मिलने पर राज्य के कर्मचारियों के लिए समूह मेडिक्लेम हेल्थ इंश्योरेंस को लागू करने के लिए रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के साथ अनुबंध की जांच एंटीक्रप्शन ब्यूरो (एसीबी) को सौंपते हुए 31 दिसंबर से इसे रद करने के निर्देश दिए थे। थर्ड पार्टी प्रबंधन (टीपीए) के जरिए राज्य कर्मचारियों व पेंशन भोगियों को बेहतर हेल्थ पालिसी उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के ¨प्रसिपल सेक्रेटरी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी। कमेटी ने विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। स्वास्थ्य बीमा मॉडल का विश्लेषण भी किया। उन्होंने तीन मॉडल तैयार कर उसके फायदे-नुकसान के साथ रिपोर्ट राज्य प्रशासन को सौंपी। कमेटी द्वारा बनाए गए मॉडलों, उनकी खूबियों की व्यवहारिकता पर विचार करने के बाद सोमवार को एसएसी ने ट्रस्ट मॉडल को मंजूरी दे दी। एसएसी ने कहा कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को ट्रस्ट मॉडल से संबंधित आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए हैं।
Source - Jagran