कैबिनेट सुनिश्चित करियर प्रोन्नयन योजना को अनुमति मिलने के बाद वित्त विभाग ने सोमवार को जारी किए आदेश। एक जुलाई 2023 या इसके बाद 35 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा।
HighLights
- कैबिनेट से अनुमति मिलने के बाद वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिए।
- 35 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अधिकारी-कर्मचारी इसकी परिधि में आएंगे।
- अभी दस, बीस और तीस वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय समयमान वेतनमान देने का नियम
मध्य प्रदेश के नियमित कर्मचारियों को शिवराज सरकार ने चौथा समयमान वेतनमान देने का निर्णय लिया है। कैबिनेट से सुनिश्चित करियर प्रोन्नयन योजना को अनुमति मिलने के बाद वित्त विभाग ने सोमवार को इसके आदेश जारी कर दिए।
35 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अधिकारी-कर्मचारी परिधि में आएंगे
एक जुलाई 2023 या इसके बाद 35 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अधिकारी-कर्मचारी इसकी परिधि में आएंगे। इस निर्णय से कर्मचारियों को अधिकतम 14 हजार रुपये तक का लाभ वेतन और फिर पेंशन में होगा।
अभी यह स्थिति है
मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को अभी दस, बीस और तीस वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय समयमान वेतनमान देने का नियम है। राज्य प्रशासनिक सेवा और वित्त सेवा के अधिकारियों को पांचवां समयमान वेतनमान मिल रहा है। पुलिस सेवा के अधिकारियों को पांचवां वेतनमान देने की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले दिनों पुलिस परिवार समागम कार्यक्रम में की है। राज्य वन सेवा के अधिकारियों को चौथा समयमान वेतनमान मिल रहा है।
पदोन्नति बंद और नए नियम भी नहीं बने
वर्ष 2016 से पदोन्नतियां बंद हैं और अभी नए नियम भी नहीं बने हैं। ऐसे में 30 वर्ष से अधिक की सेवा पूरी करने वालों के लिए आगे बढ़ने का कोई अवसर नहीं था। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को योजना बनाने के निर्देश दिए थे।
विभाग ने सभी विभागों के समान संवर्गों के लिए सुनिश्चित करियर प्रोन्नयन योजना बनाई थी, जिसे स्वीकृति दी गई। अब इसे लागू कर दिया है। इसके क्रियान्वयन से शासन पर 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दो से लेकर 14 हजार रुपये तक कर्मचारियों को प्रतिमाह लाभ होगा। पेंशन में भी इसका असर पड़ेगा।
ऐसे होगी सेवा की गणना
चतुर्थ समयमान वेतनमान के लिए सेवा अवधि की गणना प्रतियोगी या चयन परीक्षा के माध्यम से किसी सीधी भर्मी के पद पर प्रथम बार किए गए कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से की जाएगी।उच्चतम वेतनमान का लाभ प्राप्त करने के लिए कर्मचारी को उन अर्हताओं को पूरा करना आवश्यक होगा, जो सेवा भर्ती नियम के अनुसार पदोन्नति के लिए निर्धारित है यानी सेवा अभिलेख सही होना चाहिए।
योजना का लाभ प्राप्त करने कैबिनेट से अनुमति जरूरी
ऐसे संवर्ग के अधिकारी-कर्मचारी, जिन्हें विशिष्ट योजना के अंतर्गत समयमान वेतनमान का लाभ प्राप्त है, उन्हें योजना का लाभ प्राप्त करने कैबिनेट से अनुमति लेनी होगी। यदि किसी कर्मचारी को चतुर्थ समयमान वेतनमान के बराबर या अधिक वेतनमान मिल रहा है तो वर्तमान में मिल रहा वेतनमान मिलता रहेगा।
वर्तमान वेतनमान में एक वेतनवृद्धि जोड़ने के बाद जो उच्चतम वेतनमान प्राप्त होगा, उसमें महंगाई भत्ता मिलाकर चतुर्थ समयमान वेतनमान निर्धारित होगा, जो हर विभाग के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग रहेगा। अभी क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान अंतर्गत अधिकतम ग्रेड वेतन 8900 (मेट्रिक्स लेवल 16) ही देय है।
किस संवर्ग के कर्मचारी को कितना होगा लाभ
प्रथम श्रेणी- 10 से 14 हजार रुपये
द्वितीय श्रेणी- 6 से 8 हजार रुपये
तृतीय श्रेणी- 4 से 6 हजार रुपये
चतुर्थ श्रेणी- 2 से 4 हजार रुपये