ओल्ड पेंशन की विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय और महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों, सहायक कर्मचारियों ने सोमवार को उदयपुर में साइंस कॉलेज से संभागीय आयुक्त कार्यालय तक वाहन रैली निकाली। नारेबाजी करते हुए जैसे ही संभागीय आयुक्त कार्यालय पर पहुंचे तो वहां पर प्रदर्शन किया और उसके बाद संभागीय आयुक्त को ज्ञापन दिया।
प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में ओल्ड पेंशन योजना में त्रुटि सुधार के लिए शिक्षकों, कर्मचारियों, सहायक कर्मचारियों द्वारा पिछले एक महीने से धरना दिया जा रहा है। इसी क्रम में उदयपुर में दोनों विश्वविद्यालय में भी धरना देकर प्रदर्शन करते हुए सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन पिछले दिनों किया गया।
सोमवार को वाहन रैली में बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारियों ने भाग लिया। नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को सामने रखा। मांग को लेकर राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम अलग-अलग ज्ञापन सौंपे।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार ने 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन देने की घोषणा तो कर दी है लेकिन इन्हीं कर्मचारियों की एनपीएस में जमा मूल राशि को 12% प्रतिशत ब्याज से लौटाने को भी कहा गया है। कर्मचारियों की यह राशि केंद्र सरकार के एनपीएस एकाउंट में जमा है और प्रायोगिक तौर पर कर्मचारियों के लिए इसको लौटाना संभव नहीं है।
संभागीय आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों की बैठक विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित हुई जिसमें संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्यो ने आगे की रूपरेखा तय की। इसमें तय किया गया कि मंगलवार से सभी शिक्षक और कर्मचारी संपूर्ण कार्य बहिष्कार करके विवि के प्रशासनिक भवन पर धरना देंगे।
बैठक में भरत व्यास, डॉ.देवेंद्र सिंह, डॉ.आशीष सिसोदिया, डॉ.कुंजन आचार्य, संजय भटनागर, कौमुदी वैष्णव, गोविंद जोशी, ओम प्रकाश उपाध्याय, पुष्कर लाल नागदा, एकता शर्मा, ख्याली लाल नागदा, प्रभु लाल नागदा आदि ने संबोधित किया।
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