सरकार आज करेगी वन रैंक-वन पेंशन का ऐलान, रक्षा मंत्री करेंगे घोषणा : सूत्र
नई दिल्ली: वन रैंक-वन पेंशन के मुद्दे पर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे पूर्व सैनिकों की मांग आज पूरी हो सकती है। सूत्रों के हवाले से ख़बर आ रही है कि आज सरकार वन रैंक वन पेंशन का एलान कर सकती है। रक्षा मंत्री दोपहर तीन बजे इसका साउथ ब्लॉक में एलान कर सकते हैं। खबर है कि रक्षा मंत्री ने आज अपना दिल्ली से बाहर जाने का दौरा भी रद्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि सरकार ने पूर्व सैनिकों की 98 फ़ीसदी मांगे मान ली हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार पेंशन का रिविजन हर पांच साल में करेगी, लेकिन पूर्व सैनिक अभी भी इस बात को लेकर अड़े है कि ये रिविजन हर साल होनी चाहिए। इसके लागू होने से जवानों, विधावाओं और अपाहिज जवानों को ज्यादा फायदा पहुंचेगा। सरकार के मुताबिक, वह कोश्यारी कमेटी के सुझावों से आगे की बात भी मान चुकी है।
दरअसल, ये करीब 40 साल से चला आ रहा पुराना मुद्दा है, जिसका सरकार सम्मानजनक हल निकालने में जुटी है। सरकार उम्मीद कर रही है कि इस ऐलान के बाद करीब तीन महीने से चला आ रहा पूर्व सैनिकों का आंदोलन खत्म हो जाएगा। सरकार इसलिए भी ये ऐलान जल्द कर रही है, क्योंकि अगले हफ्ते किसी भी दिन बिहार चुनाव का ऐलान हो सकता है और उसके बाद वह वन रैंक-वन पेंशन का ऐलान नही कर सकती।
पूर्व सैनिक कह रहे हैं कि सरकार पहले ऐलान करे, फिर हम देखते हैं। अन्यथा 12 सितंबर को तो वह जंतर मंतर पर अपनी ताकत दिखा रहे हैं।
इससे पहले खबर थी कि सरकार ने इसके लिए मसौदा समझौता भी तैयार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार के ड्राफ़्ट में हर पांच साल में पेंशन की समीक्षा की बात है, लेकिन पूर्व सैनिकों का कहना है कि ये ड्राफ़्ट इकतरफ़ा है और इसमें पूर्व सैनिकों की सहमति नहीं है।
उधर, वन रैंक-वन पेंशन के मुद्दे पर जंतर मंतर पर पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन जारी है। कल ही पूर्व सैनिकों ने कहा था सरकार एक साल में पेंशन की समीक्षा को तैयार नहीं हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं होगा तो ये वन रैंक-वन पेंशन नहीं होगा।
हालांकि उन्होंने कहा कि वो दो साल में समीक्षा के लिए तैयार हैं, लेकिन तीन साल या पांच साल मानने का कोई सवाल ही नहीं है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि सरकार का कहना है कि थोड़े पैसे बचाने हैं, इसलिए अगर वो वन रैंक-वन पेंशन को एक जून 2014 से लागू करती है तो भी उन्हें एेतराज़ नहीं होगा। पूर्व सैनिकों ने कहा कि सरकार से बातचीत हुई है और वो चाहते हैं कि मीडिया भी उनकी बात सरकार तक पहुंचा दे।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार पेंशन का रिविजन हर पांच साल में करेगी, लेकिन पूर्व सैनिक अभी भी इस बात को लेकर अड़े है कि ये रिविजन हर साल होनी चाहिए। इसके लागू होने से जवानों, विधावाओं और अपाहिज जवानों को ज्यादा फायदा पहुंचेगा। सरकार के मुताबिक, वह कोश्यारी कमेटी के सुझावों से आगे की बात भी मान चुकी है।
दरअसल, ये करीब 40 साल से चला आ रहा पुराना मुद्दा है, जिसका सरकार सम्मानजनक हल निकालने में जुटी है। सरकार उम्मीद कर रही है कि इस ऐलान के बाद करीब तीन महीने से चला आ रहा पूर्व सैनिकों का आंदोलन खत्म हो जाएगा। सरकार इसलिए भी ये ऐलान जल्द कर रही है, क्योंकि अगले हफ्ते किसी भी दिन बिहार चुनाव का ऐलान हो सकता है और उसके बाद वह वन रैंक-वन पेंशन का ऐलान नही कर सकती।
पूर्व सैनिक कह रहे हैं कि सरकार पहले ऐलान करे, फिर हम देखते हैं। अन्यथा 12 सितंबर को तो वह जंतर मंतर पर अपनी ताकत दिखा रहे हैं।
इससे पहले खबर थी कि सरकार ने इसके लिए मसौदा समझौता भी तैयार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार के ड्राफ़्ट में हर पांच साल में पेंशन की समीक्षा की बात है, लेकिन पूर्व सैनिकों का कहना है कि ये ड्राफ़्ट इकतरफ़ा है और इसमें पूर्व सैनिकों की सहमति नहीं है।
उधर, वन रैंक-वन पेंशन के मुद्दे पर जंतर मंतर पर पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन जारी है। कल ही पूर्व सैनिकों ने कहा था सरकार एक साल में पेंशन की समीक्षा को तैयार नहीं हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं होगा तो ये वन रैंक-वन पेंशन नहीं होगा।
हालांकि उन्होंने कहा कि वो दो साल में समीक्षा के लिए तैयार हैं, लेकिन तीन साल या पांच साल मानने का कोई सवाल ही नहीं है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि सरकार का कहना है कि थोड़े पैसे बचाने हैं, इसलिए अगर वो वन रैंक-वन पेंशन को एक जून 2014 से लागू करती है तो भी उन्हें एेतराज़ नहीं होगा। पूर्व सैनिकों ने कहा कि सरकार से बातचीत हुई है और वो चाहते हैं कि मीडिया भी उनकी बात सरकार तक पहुंचा दे।
source - ndtv