लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें एक बार फिर से बढ़ गई हैं कि सरकार जल्द ही उनकी मांगें मानकर उन्हें सैलरी बढ़ोतरी का तोहफा देगी। सवर्ण आरक्षण बिल संसद के दोनों सदनों में पास होने के बाद अब अगला नंबर केंद्रीय कर्मचारियों का है। माना जा रहा है कि अगली कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा होगी। 7th Pay Commission की सिफारिशों को मंजूरी मिले 2 साल से अधिक का वक्त बीत गया, लेकिन अब तक उन सिफारिशों को लागू नहीं किया गया। केंद्रीय कर्मचारियों की सिफारिश से अधिक न्यूनतम वेतन की मांग के चलते अब तक उन्हें बढ़ी हुई सैलरी नहीं मिली है, लेकिन इस बीच कई राज्य सरकारों ने अपने कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी का तोहफा देकर खुश कर इस बीच सरकार ने कमलेश चंद्र समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर देशभर के 2.6 लाख ग्रामीण डाक सेवकों को तोहफा दिया है।
2.6 लाख कर्मचारियों को तोहफा सरकार ने ग्रामीण डाक सेवकों किसी सभी श्रेणियों के लिए मिमिटेड ट्रांसफर की सुविधा पर कमलेश चंद्र समिती की मांग को स्वीकार कर लिया है। इसका लाभ देशभर के 2.6 लाख ग्रामीण डाक सेवकों को होगा। इस सिफारिश को स्वीकृति मिलने के बाद पुरूष डाक सेवकों को केवल एक बार ट्रांसफर लेने का अवसर मिलेगा तो महिला डाक सेवकों को दो बार ट्रांसफर लेने का मौका मिलेगा।
किसे मिलेगा कितना फायदा इस सिफारिशों को मानने के बाद मौजूद 2.6 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा होगा। इस सिफारिश के लागू होने के बाद ग्रामीण डाक सेवक कर्मचारी अपने स्वयं के अनुरोध पर अपने घर गांव या गृह विभाग या चिकित्सा उपचार के लिए अनुशंसित स्थान पर अपनी पसंद के स्थान पर ट्रांसफर ले सकते हैं। हालांकि इसका लाभ उठाने के लिए कर्मचारी को जीडीएस पद पर नौकरी के न्यूनतम तीन साल हो जाना चाहिए। इसके अलावा इसका लाभ पाने के लिए कर्मचारियों को सभी सत्यापन औपचारिकताओं जैसे कि जाति, शिक्षा और पुलिस सत्यापन रिपोर्ट आदि को पूरा करना होगा। वहीं ऐसे कर्मचारी जिनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई, पुलिस केस या कोर्ट में कोई भी मामला चल रहा है वो इस सुविधा का लाभ नहीं उठा सकेंगे।
कर्मचारियों को लेनी होगी 20 दिनों की छुट्टी आपको बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार ने सभी स्थायी कर्मचारियों को साल में कम से कम 20 छुट्टियां अनिवार्य कर दी है। सभी स्थायी कर्मचारियों को हर साल कम से कम 20 दिनों की छुट्टी लेनी ही होगी, बजाए सेवानिवृति के समय उन्हें जमा करने के, कर्मचारियों को अपनी 30 छुट्टियों में से 20 छुट्टियां लेनी होगी। केंद्र सरकार द्वारा संचालित बैंकों ने अपने कर्मचारियों को 2018 के आखिर से दस दिन की छुट्टी पर भेजा था।
Source - One India