संसद के दोनों सदनों में 10 % सवर्ण आरक्षण बिल पास होने के बाद अब केंद्र सरकार लगभग 1.1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को खुश करने की तैयारी में है। जी बिजनेस की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार जल्द ही इसे लेकर ऐलान कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार सवर्ण आरक्षण बिल के बाद मोदी सरकार अब केंद्रीय कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी का तोहफा दे सकती है।
केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा तोहफा रिपोर्ट के मुताबिक सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्रीय कर्मचारियों की मांगों को लेकर जल्द ही कैबिनेट बैठक में विचार कर सकती है। माना जा रहा है कि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को खुश करने के लिए फिटमेंट फैक्टर बढ़ा सकती है। हालांकि ये बढ़ोतरी सरकारी कर्मचारियों के मांग के अनुरूप नहीं होगा, लेकिन माना जा रहा है कि सरकार कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18 हजार से बढ़कर 21 हजार रुपए किया जा सकता है। जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान रिपोर्ट के मुताबिक अगले कुछ दिनों में सरकार सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर कैबिनेट बैठक में विचार कर सकती है। इस बैठक में कर्मचारियों की सैलरी उनकी मांग के अनुरूप तो नहीं लेकिन कैबिनेट इसे सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से अधिक कर सकती है। सूत्रों की मानें तो फिटमेंट फैक्टर को 2.57 गुना से बढ़ाकर 3 गुना किया जा सकता है। वहीं उनकी न्यूनतम सैलरी को 18,000 रुपए महीने बढ़ाने के बजाय 21,000 रुपए की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री अरुण जेटली निम्न स्तर के कर्मचारियों को ज्यादा फायदा दे सकते हैं।
क्या है केंद्रीय कर्मचारियों की मांग केंद्रीय कर्मचारी की मांग है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 18000 रुपए होगी, जबकि फिटमेंट फैक्टर 2.57 होगी, लेकिन कर्मचारियों की मांग है कि उनकी न्यूनतम सैलरी 26000 रुपए और फिटमेंट फैक्टर 3.68 फीसदी किए जाए। हालांकि कर्मचारियों की ये मांग पूरी हो पाना मुश्किल है। सरकार कर्मचारियों को इतनी बढ़ोतरी देने के बजाए बेसिक सैलरी को 21000 रुपए कर सकती है। आपको बता दें कि सरकार 68 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 52 लाख पेंशन धारियों के लिए जल्द ही ऑटोमैटिक पे रिविजन सिस्टम शुरु करने पर विचार कर रही है।
Source - One India