नई दिल्ली/बेंगलुरु, 31 जुलाई 2026: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ₹105.44 करोड़ के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए हैदराबाद, विजयनगरम और काकीनाडा में कुल 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह मामला Punjab National Bank (PNB), Chennai की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।
CBI की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मामला M/s NCS Sugars Ltd, उसके निदेशकों तथा अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ दर्ज किया गया है। आरोप है कि कथित धोखाधड़ी के कारण पंजाब नेशनल बैंक को करीब ₹105.44 करोड़ का नुकसान हुआ।
क्या है पूरा मामला?
CBI के अनुसार, पंजाब नेशनल बैंक, चेन्नई ने शिकायत में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, संपत्ति के कथित दुरुपयोग और जालसाजी से संबंधित आरोप लगाए हैं।
जांच एजेंसी का आरोप है कि संबंधित आरोपियों ने ऋणदाता बैंक के समक्ष कुछ कथित रूप से जाली दस्तावेजों को असली बताकर प्रस्तुत किया और इनके आधार पर क्रेडिट सुविधाओं का लाभ लिया।
आरोप है कि बैंक से प्राप्त ऋण राशि को निर्धारित व्यावसायिक उद्देश्यों में इस्तेमाल करने के बजाय कथित रूप से दूसरी जगह डायवर्ट किया गया और धन का दुरुपयोग किया गया।
बाद में बैंक की बकाया राशि का भुगतान नहीं होने के कारण संबंधित कंपनी के ऋण खाते अनियमित/डिफॉल्ट की स्थिति में चले गए। CBI के मुताबिक इससे पंजाब नेशनल बैंक को लगभग ₹105.44 करोड़ का कथित नुकसान हुआ।
हैदराबाद, विजयनगरम और काकीनाडा में तलाशी
CBI ने 31 जुलाई 2026 को इस मामले की जांच के सिलसिले में तीन शहरों में समन्वित तलाशी अभियान चलाया।
जांच एजेंसी के मुताबिक कुल 10 स्थानों पर तलाशी ली गई। इनमें M/s NCS Sugars Ltd से जुड़े—
फैक्ट्री परिसर,
पंजीकृत कार्यालय और
कंपनी के निदेशकों से जुड़ी आवासीय संपत्तियां
शामिल थीं।
दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त
CBI के अनुसार तलाशी के दौरान जांच के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद कर जब्त किए गए हैं।
जांच एजेंसी अब जब्त सामग्री की जांच कर रही है। इसका उद्देश्य कथित आपराधिक साजिश के पूरे दायरे का पता लगाना, बैंक से प्राप्त धन के कथित डायवर्जन और उसके मूवमेंट को ट्रेस करना तथा मामले में शामिल व्यक्तियों की भूमिका निर्धारित करना है।
आगे की जांच जारी
CBI ने बताया है कि मामले में आगे की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
महत्वपूर्ण: इस मामले में ऊपर उल्लिखित तथ्य CBI द्वारा 31 जुलाई 2026 को जारी प्रेस रिलीज में लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध मानना उचित नहीं है और मामले की जांच अभी जारी है।
Disclaimer
यह समाचार CBI द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज में उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मामले में लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं और संबंधित व्यक्तियों/संस्थाओं को सक्षम न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने तक दोषी नहीं माना जाना चाहिए।